Vardha Pension Yojana 2025: 5 लाख पेंशनधारियों की पेंशन बंद! देखें पूरी लिस्ट

नमस्कार दोस्तों, हम बात करने जा रहे हैं राजस्थान सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना 2025 अपडेट को लेकर। प्रदेश में लगभग 5 लाख लोगों की पेंशन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि पेंशन में भारी फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लोग कम उम्र में ही वृद्धा पेंशन ले रहे हैं। महिलाओं के लिए 55 वर्ष और पुरुषों के लिए 58 वर्ष की आयु सीमा तय है, फिर भी कुछ लोग 35 साल की उम्र में पेंशन ले रहे हैं। 1 अप्रैल 2024 से लेकर 31 मई 2025 तक लगभग 99670 ऐसे केस सामने आए हैं, जहां लोगों ने झूठे दस्तावेज देकर पेंशन का लाभ उठाया है। जन आधार के माध्यम से हुए भौतिक सत्यापन से यह सब उजागर हुआ है।

1.75 लाख मृतकों को मिलती रही पेंशन, ₹1 करोड़ से अधिक की वसूली तय

राजस्थान सरकार ने यह स्वीकार किया है कि 1.75 लाख मृत लोगों के खातों में पेंशन जाती रही। इस गलती की जिम्मेदारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर भी डाली जा रही है। यहां तक कि कुछ लोगों ने दोबारा शादी करने या सरकारी नौकरी में होने के बावजूद भी पेंशन का लाभ उठाया है। कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • 42810 लोगों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर पेंशन ली।
  • 22159 अपात्रों के परिवार में सरकारी कर्मचारी हैं।
  • 17720 डुप्लीकेट पेंशन धारक पाए गए।
  • 13326 लोग इनकम टैक्स के दायरे में आने के बावजूद पेंशन ले रहे थे।

इन सबके खिलाफ अब वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जिलावार आंकड़े: सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा बांसवाड़ा, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ में

राज्य के विभिन्न जिलों से जो आंकड़े सामने आए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। सबसे ज्यादा केस बांसवाड़ा (8811), जोधपुर (9198), चित्तौड़गढ़ (3164) में दर्ज हुए हैं। कुछ अन्य जिलों में केस:

  • अलवर: 2543
  • अजमेर: 2968
  • जयपुर: 4512
  • डूंगरपुर: 4243
  • करौली: 2862
  • पाली: 2079

राज्य सरकार को इस पूरे फर्जीवाड़े में ₹1 करोड़ से अधिक की रिकवरी करनी है, लेकिन अधिकारी वसूली को लेकर तैयार नहीं दिख रहे। कुछ ने तो असमर्थता तक जता दी है।

निष्कर्ष: पेंशन योजना में पारदर्शिता और सत्यापन की बड़ी जरूरत

दोस्तों सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा है कि रिकवरी की प्रक्रिया लगातार जारी है और वक्त लग सकता है। सरकार की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इतने बड़े स्केल पर फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद अब सिस्टम को कैसे दुरुस्त किया जाए। राज्य में फिलहाल 77.72 लाख पेंशन लाभार्थी हैं। अगर जन आधार और आधार कार्ड के माध्यम से समय-समय पर सत्यापन कराया जाए तो इस तरह की स्थिति को रोका जा सकता है।

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