Haryana Land Pulling Policy: रेवाड़ी में लैंड पुलिंग से बदलने वाली है किसानों की किस्मत! जानिए कौन सी जमीन होगी अधिग्रहित

दोस्तों, हरियाणा सरकार रेवाड़ी जिले की पालावास तहसील के रोहराई और टेहना दीपालपुर गांव में लैंड पुलिंग पॉलिसी के तहत 480 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने जा रही है। यह अधिग्रहण पद्मा स्कीम के तहत किया जाएगा, जिसमें किसानों को जबरन नहीं बल्कि साझेदार बनाकर जमीन ली जाएगी। इसके लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल पर 2 मई 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

लैंड पुलिंग पॉलिसी क्या है और इसका किसानों को क्या लाभ मिलेगा?

हरियाणा सरकार की लैंड पुलिंग पॉलिसी किसानों को जबरन जमीन छीनने के बजाय साझेदार बनाकर विकसित जमीन देने की योजना है। इस नीति के तहत:

  • किसान अपनी जमीन सरकार को देते हैं।
  • बदले में उन्हें 2–3 साल तक मौद्रिक सहायता दी जाती है।
  • जमीन के विकास के बाद उन्हें वहां developed plots मिलते हैं जिनकी कीमत उनके पहले की जमीन से कहीं ज्यादा होती है।

यह योजना किसानों को शहर के विकास का भागीदार बनाती है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी होता है।

पद्मा स्कीम का उद्देश्य और रेवाड़ी में इसका प्रभाव

दोस्तों पद्मा स्कीम का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों, कला और रोजगार को बढ़ावा देना है। सरकार इस स्कीम के तहत:

  • MSME के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देगी।
  • स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए जमीन पर प्लॉटिंग कर छोटे उद्योग लगाने को प्रोत्साहित करेगी।
  • यह स्कीम हरियाणा के 90 ब्लॉकों में लागू की जाएगी। रेवाड़ी इसका पहला साइट बन रहा है।

रेवाड़ी की कौन-सी जमीन आएगी योजना में, पूरी बाउंड्री और मैप डिटेल्स

  • जमीन का क्षेत्र झज्जर–रेवाड़ी रेलवे लाइन और NH-48 के बीच है।
  • टेहना दीपालपुर (HB नंबर 255) और रोहराई (HB नंबर 230) के खसरा नंबर इस योजना में शामिल हैं।
  • इस क्षेत्र का विशेष मैप सरकार ने पोर्टल पर जारी किया है जिसमें पिंक कलर से चयनित भूमि दर्शाई गई है।

ई भूमि पोर्टल से कैसे करें आवेदन?

  1. ई-भूमि पोर्टल पर जाएं।
  2. “Apply” बटन पर क्लिक करें।
  3. विकल्प चुनें: जमीन बेचना, खरीदना या साझेदारी करना।
  4. जानकारी भरकर सबमिट करें।

निष्कर्ष: योजना में भाग लेने का सही मौका, फायदे ही फायदे

  • सरकार आपके साथ साझेदारी करेगी।
  • वर्तमान खेती की आमदनी के मुकाबले ज़्यादा फायदा होगा।
  • विकसित प्लॉट मिलने से जमीन का मूल्य कई गुना बढ़ेगा।
  • स्थानीय लोगों को उद्योगों के माध्यम से रोज़गार के अवसर मिलेंगे।

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