फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 5 करोड़ की सब्सिडी योजना की पूरी जानकारी
आज की इस पोस्ट में हम चर्चा करेंगे भारत सरकार की एक बड़ी योजना के बारे में, जिसमें फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए ₹5 करोड़ तक की सब्सिडी दी जा रही है।
किन गतिविधियों को मिलेगा सब्सिडी का लाभ और कौन सी हैं अपात्र
फूड प्रोसेसिंग के तहत कई तरह की गतिविधियां इस योजना में शामिल हैं:
- फलों और सब्जियों की प्रोसेसिंग
- मिल्क, मीट, पोल्ट्री, फिश प्रोसेसिंग
- रेडी टू ईट/रेडी टू कुक आइटम्स
- ब्रेकफास्ट सीरियल्स, स्नैक्स, बेकरी आइटम्स, न्यूट्रिशनल और हेल्थ फूड्स
- पल्सेस, ऑयलसीड, स्पाइसेस, मशरूम, हनी प्रोसेसिंग
- जैगरी मैन्युफैक्चरिंग, कोकोआ, गम, फूड एडिटिव्स और कलर्स आदि
- एनिमल फीड यूनिट्स (यदि वे मेगा फूड पार्क या एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर में हैं)
- फ्रूट पल्प वाली कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (कम से कम 5% – 10% पल्प के साथ)
अपात्र गतिविधियां:
- पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर
- डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्मिंग, मशरूम फार्मिंग
- हैचरीज़ आदि
सब्सिडी के नियम, पात्रता और जरूरी शर्तें – जानें फाइनेंस से जुड़ी हर बात
- सब्सिडी केवल टेक्निकल सिविल वर्क और प्लांट एंड मशीनरी पर लागू होगी। भूमि, ऑफिस, कैंटीन, रेस्ट रूम, अप्रोच रोड जैसे कामों पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।
- कोई भी व्यक्ति, FPO, Partnership Firm, LLP या कंपनी इस योजना का लाभ ले सकती है।
- लोन अनिवार्य है, जो प्रोजेक्ट कॉस्ट का कम से कम 20% हो और वह 22 जनवरी 2025 के बाद सैंक्शन हुआ हो।
- अगर आप SC/ST या Difficult Areas/North Eastern States से हैं, तो सिर्फ 10% लोन से भी पात्रता मिलेगी।
मार्जिन मनी (स्वयं का योगदान):
- कम से कम 20% प्रोजेक्ट कॉस्ट,
- SC/ST या Difficult Area में रहने वालों के लिए यह 10% तक हो सकता है।
सब्सिडी की राशि और विशेष लाभ – जानिए योजना का पूरा फायदा कैसे उठाएं
- सामान्य क्षेत्र के लिए सब्सिडी: 35%, अधिकतम ₹5 करोड़
- SC/ST, FPO या Difficult Areas के लिए: 50%, अधिकतम ₹5 करोड़
- सब्सिडी केवल उन्हीं कंपोनेंट्स पर मिलेगी जो तकनीकी रूप से योजना के अंतर्गत आते हैं।
- उदाहरण: Sorting, Grading, Peeling, Blanching, Drying, Freezing, Chemical Preservation आदि सभी गतिविधियां मान्य हैं।
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