दयालु योजना 2 हरियाणा: बीपीएल परिवारों को मिलेगा मुआवजा
हरियाणा सरकार ने बीपीएल (Below Poverty Line) परिवारों के लिए नई दयालु योजना 2 शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य उन गरीब परिवारों की मदद करना है, जिनके सदस्य आवारा या पालतू पशुओं की वजह से दुर्घटना या चोट का शिकार होते हैं।
अंत्योदय का मतलब किसी धर्म, जाति या वर्ग से नहीं है। इसका अर्थ है गरीब और कमजोर तबके को उठाना। जिन परिवारों की Family ID में इनकम ₹1,80,000 से कम है, उन्हें बीपीएल परिवार माना जाता है और वही इस योजना के पात्र होंगे।
पशुओं के हमले या दुर्घटना पर कितना मिलेगा मुआवजा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवारा या पालतू पशुओं के कारण अगर कोई हादसा होता है, तो प्रभावित बीपीएल परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- कुत्ते के काटने पर मामूली चोट: ₹10,000
- कुत्ते के काटने से गंभीर चोट: ₹30,000 तक
- गाय, बैल, गधा, भैंस, नीलगाय आदि पशुओं से दुर्घटना पर: ₹1 लाख से ₹5 लाख तक
- 70% से अधिक दिव्यांगता या मृत्यु पर: ₹1 लाख से ₹5 लाख तक
इसके अलावा, उम्र के हिसाब से भी मुआवजे की राशि तय की गई है:
- 12 वर्ष तक: ₹1 लाख
- 12 से 18 वर्ष तक: ₹2 लाख
- 18 से 25 वर्ष तक: ₹3 लाख
- 25 से 45 वर्ष तक: ₹5 लाख
- 45 वर्ष से अधिक: ₹3 लाख
दयालु योजना 2 का लाभ कैसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ केवल बीपीएल परिवारों को मिलेगा। आवेदन की प्रक्रिया जिला स्तर पर होगी।
- प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी।
- पीड़ित परिवार को आवेदन करना होगा।
- कमेटी द्वारा जांच के बाद सहायता राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में कुत्ते के काटने के टीके भी बीपीएल परिवारों को मुफ्त मिलेंगे। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और इलाज में आसानी होगी।
निष्कर्ष
दयालु योजना 2 हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे गरीब परिवारों को आकस्मिक हादसों और पशुओं के हमलों से हुई चोट या मृत्यु पर आर्थिक सहारा मिलेगा। यह योजना 5 सितंबर 2025 से लागू हो चुकी है। इसलिए बीपीएल परिवार अपने Family ID और दस्तावेज अपडेट रखें और जरूरत पड़ने पर समय पर आवेदन करें।
