किसानों के लिए झटकेदार खबर: फसल ऑनलाइन घोटाले पर DC ने दिए आदेश
किसान भाइयों, आपके लिए बड़ी सूचना आई है। जिन किसानों ने अपनी फसल ऑनलाइन करवाई है, उनके लिए डीसी साहब ने आदेश जारी कर दिए हैं। यह खबर कुछ किसानों के लिए झटकेदार साबित हो सकती है।
फसल ऑनलाइन घोटाला कैसे हुआ?
सरकार के Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर इस साल भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है।
- कुछ किसानों की जमीन गलत तरीके से दूसरों के नाम दर्ज करवा दी गई।
- इसका उद्देश्य बाजरे की फसल के लिए मिलने वाली भावांतर भरपाई योजना का लाभ उठाना बताया जा रहा है।
- कई जगह किसानों ने शिकायत दी है और जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।
डीसी नूह, मेवात ने आदेश जारी किए हैं कि जिन किसानों ने गलत तरीके से जमीन अपने नाम दर्ज करवाई है, उन पर कार्रवाई होगी और असली किसान का नाम पोर्टल पर बहाल किया जाएगा।
किसानों को क्या करना चाहिए?
अगर आपकी जमीन या फसल किसी और ने धोखे से अपने नाम ऑनलाइन करवाई है, तो चिंता न करें।
- अपने जिले के समाधान शिविर या डीसी ऑफिस में जाएं।
- उदाहरण के लिए हिसार में यह शिविर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक लगते हैं।
- वहां जाकर शिकायत दर्ज करें, ताकि आपकी फसल फिर से आपके नाम पर दर्ज हो सके और आपको मुआवजा मिल सके।
सरकार ने साफ कहा है कि फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसलिए अगर किसी ने गलत तरीके से फायदा उठाया है, तो उसका नाम पोर्टल से हटा दिया जाएगा।
इनकम कम करवाने की प्रक्रिया
इसके साथ ही किसानों के लिए एक और जानकारी – Income कम करवाने की प्रोसेस अब बेहद आसान हो चुकी है।
- हिसार में मात्र 10 से 12 घंटे में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
- बाकी जिलों में भी 72 घंटे के भीतर आपकी इनकम कम हो सकती है।
- इसके लिए आपको समाधान शिविर या संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा।
निष्कर्ष
हरियाणा के किसान भाइयों को सलाह है कि अगर उनकी फसल किसी और ने ऑनलाइन करवाई है, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें। असली हकदार किसान को ही मुआवजा मिलेगा और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
