दोस्तों, हरियाणा की धरती पर सिर्फ़ किसान और योद्धा नहीं हुए, बल्कि यहां के कई राजघरानों (Royal Families of Haryana) ने भी भारत के इतिहास को आकार दिया। आज भले ही ये रियासतें समाप्त हो गई हैं, लेकिन इनके वंशज आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। सबसे पहले बात करते हैं हरियाणा के उस रॉयल परिवार की जिनके वंशज आज भी गुड़गांव में एक शानदार बिजनेस चला रहे हैं। कलसिया रियासत जिसे 1760 में गुरबक्श सिंह कलसिया ने बसाया था, आज उसका वारिस कुंवर जोरावर शेर सिंह ऑफ कलसिया हैं। ये अपनी कंपनी KGSIA Networks (Kalsia Gomes Shamsher Indo-African Networks) चला रहे हैं।
लोहारू, जींद और पटौदी रियासतों के आज के वंशज
दोस्तों लोहारू रियासत, जिसकी नींव 1806 में नवाब अहमद बख्श खान ने रखी थी, उसका झंडा आज भी इतिहास की शान बना हुआ है। देश के बंटवारे के वक्त कुछ वंशज पाकिस्तान चले गए, जहां से जमील उद्दीन अली जैसे प्रसिद्ध उर्दू शायर निकले। वहीं, कुछ भारत में ही रहे जैसे नवाब अमीनुद्दीन अहमद खान, जिन्होंने भारतीय सेना में सेवा दी और फिर पॉलिटिक्स में आए। उनकी बेटी बेगम नूर बानो दो बार सांसद भी बनीं।
अब बात करते हैं जींद रियासत की जो 1948 में जाकर भारत में विलीन हुई थी। राजा रणवीर सिंह ने भारत में शामिल होने से इंकार कर दिया था। उनके बाद राजा सतबीर सिंह आखिरी शासक बने, लेकिन वो नि:संतान रहे। आज उनके वंशजों में रानी इंद्रजीत कौर बैरागी का नाम आता है।
पटौदी रियासत, जो आज के गुड़गांव में स्थित है, उसके वंशज कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान हैं। वे पटौदी के दसवें नवाब हैं। उनके पूर्वज अफगानिस्तान के कबीले से थे जो 1480 में भारत आए थे। इस रियासत की नींव फैज तालब खान ने 1804 में रखी थी।
महाराजा सूरजमल के वंशज: कैथल के शेरगढ़ गांव से जुड़ा राज
दोस्तों हरियाणा के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित नाम है महाराजा सूरजमल। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके वंशज आज भी हरियाणा के कैथल जिले के शेरगढ़ गांव में रहते हैं? सत्यवान शेरगढ़, जो इस गांव के वर्तमान सरपंच हैं, उनका दावा है कि वे सूरजमल के वंशज हैं। उन्होंने एक पुजारी से वंशावली प्राप्त की और बताया कि कैसे महाराजा सूरजमल के पुत्र जवाहर मल से लेकर गुमानी मल तक की पीढ़ियां इस गांव में आकर बस गई थीं।
गुमानी मल को राजा उदय सिंह ने शेरगढ़ गांव का चक दिया था। और यहीं से सूरजमल का वंश शेरगढ़ में स्थापित हो गया। आज गुमानी मल के लगभग 200 परिवार इसी गांव में रह रहे हैं। इतना ही नहीं, एक दिलचस्प बात ये भी है कि सूरजमल और उनके वंशजों के नाम के साथ “मल” शब्द लगता था, जो आज “महला” बन गया है और हरियाणा में सिर्फ शेरगढ़ में पाया जाता है।
