सूर्य ग्रहण 2025: कब लगेगा और भारत में कहां दिखाई देगा?
साल 2025 में दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को होगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण रात 11 बजे से शुरू होकर देर रात 3:23 बजे तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि करीब 4 घंटे 24 मिनट की होगी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से पहले सूतक काल मान्य होता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है, जबकि सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले आरंभ हो जाता है। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।
यह आंशिक सूर्य ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण 2025 का राशियों पर प्रभाव
इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के बाद 6 ऐसी राशियां हैं जिनका भाग्य बदलने वाला है। भगवान शिव की कृपा से इन राशियों के जीवन में धन लाभ, करियर में तरक्की और खुशियों का आगमन होगा।
भाग्यशाली राशियां:
- मकर राशि: व्यापार और नौकरी में उन्नति, विदेश यात्रा और धन लाभ।
- मेष राशि: सामाजिक मान-सम्मान, रुके कार्य पूरे होंगे, कारोबार में वृद्धि।
- वृषभ राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत, नए अवसर प्राप्त होंगे।
- कन्या राशि: व्यापार में वृद्धि, नौकरी में प्रमोशन और संतान सुख।
- सिंह राशि: परिवार में खुशियां, सामाजिक प्रतिष्ठा और अचानक धन लाभ।
- कुंभ राशि: रुके कार्य पूरे होंगे, नौकरी और व्यापार में प्रगति।
सूर्य ग्रहण से जुड़ी सावधानियां और धार्मिक मान्यता
धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण का समय विशेष माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहण काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
हालांकि, चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक मान्य नहीं होगा। फिर भी, ज्योतिषीय दृष्टि से इसका असर राशियों पर पड़ेगा और कुछ राशि वाले इस समय का सकारात्मक लाभ प्राप्त करेंगे।
